टाटा मोटर्स डी-मर्जर 2025: TMLCV शेयरों की लिस्टिंग, जानें कब कर सकेंगे खरीदी और बिक्री

By Gaurav Srivastava

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आज हम ऑटोमोबाइल जगत की एक बड़ी खबर पर विस्तार से चर्चा करेंगे जिसने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों, दोनों का ध्यान खींचा है। यह खबर है भारत की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी, टाटा मोटर्स लिमिटेड के डी-मर्जर की। टाटा मोटर्स डी-मर्जर, जो 2025 में पूरा हो रहा है, कंपनी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस रणनीतिक फैसले के तहत, टाटा मोटर्स को दो अलग-अलग सूचीबद्ध संस्थाओं में विभाजित किया गया है। इसका उद्देश्य प्रत्येक व्यावसायिक क्षेत्र को उसकी विशिष्ट ज़रूरतों के अनुसार स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने का अवसर देना है। इससे न केवल परिचालन दक्षता में वृद्धि होगी, बल्कि निवेशकों के लिए भी स्पष्ट निवेश विकल्प उपलब्ध होंगे।

यह डी-मर्जर खासकर वाणिज्यिक वाहन खंड, यानी TMLCV शेयर लिस्टिंग, और यात्री वाहन खंड को अलग करता है। यह कदम बाजार में प्रत्येक इकाई के वास्तविक मूल्य को उजागर करने में मदद करेगा। जो निवेशक पहले से ही टाटा मोटर्स के शेयरधारक हैं या भविष्य में टाटा मोटर्स शेयर खरीद बिक्री 2025 में दिलचस्पी रखते हैं, उनके लिए इस डी-मर्जर के सभी पहलुओं को समझना बेहद ज़रूरी है। आइए, इस पूरे घटनाक्रम और इसके संभावित प्रभावों पर एक विस्तृत नज़र डालते हैं।

टाटा मोटर्स डी-मर्जर 2025: महत्वपूर्ण बिंदु
रिकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर, 2025
व्यवसाय विभाजन टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPVL) और टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड (TMLCV)
TMPVL का फोकस यात्री वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन (EVs), जगुआर लैंड रोवर (JLR)
TMLCV का फोकस वाणिज्यिक वाहन (ट्रक, बसें), फ्लीट समाधान
शेयर आवंटन अनुपात 1:1 (रिकॉर्ड डेट पर 1 टाटा मोटर्स शेयर = 1 TMLCV शेयर)
TMPVL ट्रेडिंग आरंभ 14 अक्टूबर, 2025 से
TMLCV शेयर लिस्टिंग नवंबर 2025 की शुरुआत में अपेक्षित (स्टॉक एक्सचेंज की मंजूरी के बाद)
Demat अकाउंट में TMLCV शेयर रिकॉर्ड डेट के 30-45 दिनों के भीतर (लेकिन गैर-व्यापार योग्य)
विश्लेषकों का TMLCV मूल्य अनुमान ₹320–470 प्रति शेयर
F&O कॉन्ट्रैक्ट्स अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर 2025 के कॉन्ट्रैक्ट्स 13 अक्टूबर को सेटल

डी-मर्जर का अवलोकन और प्रमुख तिथियाँ

टाटा मोटर्स डी-मर्जर एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है जिसका उद्देश्य कंपनी के विशाल परिचालन को दो अधिक केंद्रित और कुशल संस्थाओं में विभाजित करना है। यह विभाजन कंपनी को अपने मुख्य व्यावसायिक क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने में मदद करेगा। डी-मर्जर के लिए 14 अक्टूबर, 2025 की तारीख को रिकॉर्ड डेट के रूप में निर्धारित किया गया था। इसका मतलब है कि इस तारीख तक जिन निवेशकों के पास टाटा मोटर्स के शेयर थे, वे डी-मर्जर के लाभ के लिए पात्र हो गए हैं। इस तारीख को शेयरधारकों की सूची तैयार की गई, जिसके आधार पर उन्हें नई कंपनियों के शेयर आवंटित किए जाएंगे।

इस डी-मर्जर के बाद टाटा मोटर्स को मुख्य रूप से दो अलग-अलग सूचीबद्ध कंपनियों में बांटा गया है। पहली कंपनी है टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPVL)। यह इकाई यात्री वाहनों, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) और कंपनी के प्रतिष्ठित जगुआर लैंड रोवर (JLR) ब्रांड पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह प्रीमियम सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में नवाचार लाने का लक्ष्य रखती है। दूसरी कंपनी है टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड (TMLCV), जो पूरी तरह से वाणिज्यिक वाहनों जैसे ट्रक, बस और फ्लीट समाधानों पर केंद्रित होगी। इसका उद्देश्य भारत के बढ़ते वाणिज्यिक वाहन बाजार में अपनी नेतृत्व स्थिति को बनाए रखना और मजबूत करना है। दोनों कंपनियों की NSE और BSE पर नवंबर 2025 की शुरुआत में सूचीबद्ध होने की उम्मीद है, बशर्ते उन्हें सभी वैधानिक अनुमोदन प्राप्त हो जाएं।

शेयर आवंटन और ट्रेडिंग विवरण

निवेशकों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि शेयरों का आवंटन कैसे होगा। जिन निवेशकों के पास 13 अक्टूबर, 2025 तक टाटा मोटर्स के शेयर थे, उन्हें TMLCV शेयर 1:1 के अनुपात में प्राप्त हुए हैं। इसका अर्थ है कि यदि आपके पास टाटा मोटर्स का एक शेयर था, तो आपको TMLCV का भी एक शेयर मिला होगा। यह आवंटन एक स्वचालित प्रक्रिया है जो रिकॉर्ड डेट के आधार पर की जाती है। हालांकि, नई इकाइयों के शेयर अलग-अलग समय पर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे।

TMPVL शेयरों में ट्रेडिंग 14 अक्टूबर, 2025 से शुरू हो गई है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड को आधिकारिक तौर पर नया नाम दिया गया है, और इसका सिंबल भी लगभग 24 अक्टूबर, 2025 को TMPVL में अपडेट कर दिया गया था। दूसरी ओर, TMLCV शेयर लिस्टिंग एक अलग प्रक्रिया है। ये शेयर निवेशकों के डीमैट खातों में रिकॉर्ड डेट के 30-45 दिनों के भीतर दिखाई देंगे। हालांकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि ये शेयर तब तक गैर-व्यापार योग्य रहेंगे जब तक उन्हें स्टॉक एक्सचेंज से औपचारिक रूप से सूचीबद्ध होने की मंजूरी नहीं मिल जाती। निवेशकों को जमाकर्ता एजेंसियों से सूचनाएं प्राप्त होंगी जब TMLCV शेयरों की खरीद बिक्री के लिए औपचारिक लिस्टिंग पूरी हो जाएगी। इस अवधि के दौरान, सभी फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) कॉन्ट्रैक्ट्स जो अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2025 में समाप्त हो रहे थे, उन्हें 13 अक्टूबर को जल्दी सेटल कर दिया गया था। बाजार में व्यवस्थित ट्रेडिंग बनाए रखने के लिए कुछ समय के लिए अस्थायी ट्रेडिंग प्रतिबंध भी लगाए गए थे।

उदाहरण के लिए, अगर आपके डीमैट खाते में टाटा मोटर्स के 100 शेयर थे, तो 14 अक्टूबर, 2025 के बाद आपके खाते में 100 TMPVL शेयर (पुराने टाटा मोटर्स शेयर के रूप में) दिखेंगे, और कुछ हफ्तों बाद 100 नए TMLCV शेयर भी दिखेंगे। लेकिन आप तुरंत TMLCV शेयर बेच या खरीद नहीं पाएंगे। आपको औपचारिक लिस्टिंग का इंतजार करना होगा, जो नवंबर की शुरुआत में अपेक्षित है। यह सुनिश्चित करेगा कि बाजार में किसी तरह की अनिश्चितता न हो और निवेशक नई संरचना के साथ सहज हो सकें।

शेयर मूल्य और बाजार प्रतिक्रिया

टाटा मोटर्स डी-मर्जर की घोषणा के तुरंत बाद, टाटा मोटर्स के शेयरों की कीमत में लगभग 40% की गिरावट देखी गई। यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन इसे समझना बेहद ज़रूरी है। यह वास्तविक नुकसान नहीं था, बल्कि एक “गणितीय समायोजन” था। डी-मर्जर से पहले, कंपनी का कुल मूल्य एक ही शेयर में समाहित था। विभाजन के बाद, वाणिज्यिक वाहन कंपनी का मूल्य अलग हो गया, जिससे यात्री वाहन कंपनी (TMPVL) के शेयर का मूल्य स्वाभाविक रूप से समायोजित हो गया। इसे ऐसे समझें जैसे आपने एक सेब को दो टुकड़ों में काटा हो; प्रत्येक टुकड़े का अपना अलग वजन और मूल्य होगा, लेकिन कुल वजन वही रहता है।

डी-मर्जर से पहले, टाटा मोटर्स के शेयरों की कीमत BSE पर लगभग ₹660 थी। विभाजन के बाद, TMPVL के लिए ट्रेडिंग मूल्य लगभग ₹360 पर समायोजित हो गया। बाजार विश्लेषकों और ब्रोकरेज फर्मों ने TMLCV शेयर का अलग से मूल्यांकन किया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि TMLCV के शेयरों का मूल्य ₹320 से ₹470 प्रति शेयर के बीच हो सकता है। उदाहरण के लिए, नोमुरा (Nomura) जैसे ब्रोकरेज ने TMPVL के लिए ₹367 प्रति शेयर और TMLCV के लिए ₹365 प्रति शेयर का मूल्य लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका मतलब यह है कि डी-मर्जर से पहले के ₹660 के शेयर का मूल्य अब दो अलग-अलग शेयरों में लगभग ₹360 (TMPVL) + ₹365 (TMLCV) = ₹725 के बराबर हो सकता है, जो निवेशकों के लिए दीर्घकालिक रूप से फायदेमंद हो सकता है। शुरुआती दौर में बाजार में कुछ अल्पकालिक अस्थिरता की उम्मीद है क्योंकि निवेशक नई संरचना और प्रत्येक इकाई के वास्तविक मूल्य को समझने और समायोजित करने का प्रयास करेंगे।

रणनीतिक और परिचालन निहितार्थ

टाटा मोटर्स डी-मर्जर सिर्फ शेयरों का विभाजन नहीं है; यह कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पुनर्गठन है। इस विभाजन से दोनों व्यवसायों को अपनी-अपनी आवश्यकताओं के अनुसार पूंजी जुटाने में आसानी होगी। उदाहरण के लिए, यात्री वाहन खंड, विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों में भारी निवेश की आवश्यकता है, और एक स्वतंत्र इकाई के रूप में TMPVL उन निवेशों को अधिक प्रभावी ढंग से आकर्षित कर सकती है। इसी तरह, TMLCV अपनी विशिष्ट वाणिज्यिक वाहन रणनीतियों के लिए अलग से वित्त पोषण सुरक्षित कर सकती है।

यह विभाजन प्रत्येक खंड के लिए स्पष्ट वित्तीय मेट्रिक्स भी प्रदान करता है, जिससे निवेशकों को प्रत्येक व्यवसाय के प्रदर्शन का अधिक सटीक मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी। TMPVL यात्री वाहनों, EVs और JLR के प्रीमियम सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसकी विकास रणनीति प्रीमियमकरण, EV अपनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वृद्धि पर केंद्रित है। दूसरी ओर, TMLCV ट्रक, बस और वाणिज्यिक बेड़े समाधान पर केंद्रित होगी, जिसका उद्देश्य घरेलू बाजार की रिकवरी, बेड़े के विद्युतीकरण और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करना है। शैलेश चंद्र टाटा मोटर्स के एमडी और सीईओ के रूप में समग्र नेतृत्व करेंगे, जबकि वाणिज्यिक वाहन खंड का नेतृत्व एक स्वतंत्र टीम करेगी। हाल ही में TMLCV ने Iveco के ट्रक और बस व्यवसाय के अधिग्रहण के साथ अपने वैश्विक पदचिह्न को मजबूत करने का भी कदम उठाया है, जो इसकी अंतरराष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है। यह पृथक्करण प्रत्येक सेगमेंट के लिए लक्षित नवाचार और त्वरित विकास को सक्षम करेगा।

वर्तमान ट्रेडिंग स्थिति और निवेशकों के लिए मार्गदर्शन

वर्तमान में, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPVL) के शेयर 14 अक्टूबर, 2025 से BSE और NSE पर सक्रिय रूप से ट्रेड किए जा रहे हैं। नए टिकर और ब्रांडिंग के साथ, निवेशक अब यात्री वाहन खंड में आसानी से निवेश कर सकते हैं। हालांकि, TMLCV शेयर लिस्टिंग की स्थिति थोड़ी अलग है। जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, TMLCV के शेयर भले ही निवेशकों के डीमैट खातों में आवंटित कर दिए गए हों, लेकिन वे अभी भी “फ्रीज” स्थिति में हैं। इसका मतलब है कि स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा आधिकारिक लिस्टिंग की पुष्टि होने तक निवेशक इन शेयरों को खरीद या बेच नहीं सकते हैं।

निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें डिपॉजिटरी एजेंसियों से सूचनाएं प्राप्त होंगी जैसे ही TMLCV शेयरों की खरीद बिक्री के लिए आधिकारिक लिस्टिंग प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। तब तक, धैर्य बनाए रखना और किसी भी अनौपचारिक ट्रेडिंग सलाह से बचना महत्वपूर्ण है। डी-मर्जर के बाद, अब प्रत्येक इकाई द्वारा लाभांश अलग-अलग घोषित किए जाएंगे, जिससे निवेशकों की आय धाराओं में अधिक स्पष्टता आएगी। इसका मतलब है कि यात्री वाहन और वाणिज्यिक वाहन खंड से आय को अलग से ट्रैक किया जा सकता है। एक अच्छी खबर यह है कि एक सुगम अनुभव प्रदान करने के लिए, Acumen और Zerodha जैसे कई प्रमुख ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ने अपने इंटरफेस को अपडेट किया है, ताकि वे TMPVL और TMLCV शेयर दोनों के लिए स्वतंत्र रूप से ट्रेडिंग और पोर्टफोलियो प्रबंधन का समर्थन कर सकें। निवेशक इस अपडेटेड सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए PL Capital के इस गाइड को देख सकते हैं।

भविष्य का दृष्टिकोण और रुझान

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि टाटा मोटर्स डी-मर्जर एक रणनीतिक पुनर्गठन है जो टाटा मोटर्स को EV और वाणिज्यिक वाहन सेगमेंट में विकास को तेज करने के लिए तैयार करता है। यह कदम उद्योग की बदलती गतिशीलता और ग्राहकों की बढ़ती अपेक्षाओं के अनुरूप है। इस विभाजन के बाद, दोनों कंपनियों के लिए विकास की संभावनाएं उज्ज्वल हैं:

  • TMPVL के लिए विकास की संभावनाएं: यह इकाई विद्युतीकरण, प्रौद्योगिकी नवाचार और लक्जरी बाजार (JLR) पर ध्यान केंद्रित करेगी। वैश्विक स्तर पर EVs की बढ़ती मांग और JLR की प्रीमियम ब्रांड छवि के साथ, TMPVL के पास महत्वपूर्ण विकास क्षमता है। यह भविष्य की मोबिलिटी समाधानों में अग्रणी बनने का लक्ष्य रखती है।
  • TMLCV के लिए विकास की संभावनाएं: यह भारत के वाणिज्यिक वाहन बाजार की रिकवरी और वैश्विक स्तर पर बेड़े के विद्युतीकरण के रुझानों का लाभ उठाने के लिए तैयार है। बुनियादी ढांचे के विकास और ई-कॉमर्स की बढ़ती मांग के साथ, ट्रकों और बसों की मांग बढ़ने की उम्मीद है, जिससे TMLCV को फायदा होगा।

इस पृथक्करण से निवेशकों के लिए मूल्यांकन की स्पष्टता आने की उम्मीद है। अब तक, टाटा मोटर्स के शेयर को अक्सर “Conglomerate Discount” का सामना करना पड़ता था, जहां विभिन्न व्यवसायों का मूल्य एक साथ आने पर कम आंका जाता था। विभाजन से प्रत्येक व्यवसाय के लिए अनुकूलित मूल्यांकन मल्टीपल प्राप्त करने में मदद मिलेगी, जिससे वास्तविक मूल्य सामने आएगा। बाजार विशेषज्ञ इस डी-मर्जर को टाटा मोटर्स के लिए एक सकारात्मक कदम मानते हैं जो दीर्घकालिक विकास और शेयरधारक मूल्य निर्माण को बढ़ावा देगा। हालांकि, नियामक अनुमोदनों, लिस्टिंग प्रक्रिया की समय-सीमा और डी-मर्जर के बाद बाजार की स्थिरता पर निरंतर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा। निवेशकों को सूचित निर्णय लेने के लिए सभी उपलब्ध जानकारी पर ध्यान देना चाहिए।

फायदे (Pros) और नुकसान (Cons)

टाटा मोटर्स डी-मर्जर निवेशकों और कंपनी दोनों के लिए कई फायदे और नुकसान लेकर आया है। इन्हें समझना बहुत ज़रूरी है ताकि आप अपनी निवेश रणनीति बना सकें।

फायदे (Pros) नुकसान (Cons)
स्पष्ट फोकस: TMPVL यात्री वाहनों और JLR पर, जबकि TMLCV वाणिज्यिक वाहनों पर स्पष्ट रूप से ध्यान केंद्रित कर पाएगी। अल्पकालिक अस्थिरता: डी-मर्जर के बाद शुरुआती हफ्तों में शेयर की कीमतों में अस्थिरता की संभावना है।
स्वतंत्र पूंजी जुटाना: प्रत्येक इकाई अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए स्वतंत्र रूप से पूंजी जुटा सकती है, जिससे विकास योजनाओं को बल मिलेगा। TMLCV की गैर-ट्रेडिंग अवधि: TMLCV शेयर डीमैट में आने के बाद भी लिस्टिंग तक व्यापार योग्य नहीं होंगे, जिससे तरलता पर असर पड़ेगा।
बेहतर मूल्यांकन: विश्लेषकों का मानना है कि अलग-अलग लिस्टिंग से प्रत्येक व्यवसाय को बेहतर और अधिक सटीक मूल्यांकन मिलेगा। नियामक अनुमोदन: लिस्टिंग प्रक्रिया में कुछ देरी या अनिश्चितता हो सकती है, जो नियामक अनुमोदनों पर निर्भर करती है।
लक्षित निवेश: निवेशक अपनी पसंद के सेगमेंट (यात्री या वाणिज्यिक) में सीधे निवेश कर सकते हैं। जटिलता: कुछ निवेशकों के लिए नई संरचना को समझना और उसके अनुसार पोर्टफोलियो को समायोजित करना जटिल हो सकता है।
त्वरित निर्णय: प्रत्येक इकाई अपने बाजार और ग्राहकों के लिए तेज़ और अधिक अनुकूलित निर्णय ले पाएगी। लागत: डी-मर्जर प्रक्रिया में कानूनी और प्रशासनिक लागतें शामिल होती हैं, जो कंपनी पर एक बार का बोझ डाल सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. टाटा मोटर्स डी-मर्जर क्या है और यह निवेशकों को कैसे प्रभावित करता है?

टाटा मोटर्स डी-मर्जर कंपनी को दो स्वतंत्र सूचीबद्ध संस्थाओं (TMPVL और TMLCV) में विभाजित करने की प्रक्रिया है। यह निवेशकों को अलग-अलग सेगमेंट में निवेश करने का अवसर देता है। इसका मतलब है कि अब आप यात्री वाहन या वाणिज्यिक वाहन सेगमेंट में से अपनी पसंद के अनुसार निवेश कर सकते हैं। डी-मर्जर के बाद आपके पास पहले से मौजूद टाटा मोटर्स के शेयरों की संख्या के बराबर TMLCV के शेयर भी होंगे, हालांकि उनकी ट्रेडिंग बाद में शुरू होगी।

2. मैं TMLCV शेयर लिस्टिंग के बाद कब उन्हें खरीद और बेच पाऊंगा?

TMLCV शेयर लिस्टिंग नवंबर 2025 की शुरुआत में होने की उम्मीद है, बशर्ते स्टॉक एक्सचेंजों से सभी वैधानिक अनुमोदन मिल जाएं। आपके डीमैट खाते में TMLCV के शेयर रिकॉर्ड डेट के 30-45 दिनों के भीतर दिखाई देंगे, लेकिन आप उन्हें तब तक खरीद या बेच नहीं पाएंगे जब तक कि आधिकारिक लिस्टिंग पूरी नहीं हो जाती। एक बार लिस्टिंग हो जाने के बाद, आपको जमाकर्ता एजेंसियों से सूचित किया जाएगा और आप सामान्य ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से टाटा मोटर्स शेयर खरीद बिक्री 2025 कर पाएंगे।

3. टाटा मोटर्स डी-मर्जर के बाद मेरे मौजूदा टाटा मोटर्स शेयरों का क्या हुआ?

यदि आपके पास 13 अक्टूबर, 2025 को टाटा मोटर्स के शेयर थे, तो वे अब टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPVL) के शेयर बन गए हैं और 14 अक्टूबर, 2025 से TMPVL के नाम से ट्रेड हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त, आपको 1:1 के अनुपात में TMLCV शेयर भी आवंटित किए गए हैं। इसका अर्थ है कि आपके निवेश का कुल मूल्य अब दो अलग-अलग कंपनियों के शेयरों में विभाजित हो गया है, जिससे आपको दोनों सेगमेंट में हिस्सेदारी मिलेगी।

4. डी-मर्जर के बाद टाटा मोटर्स के शेयर की कीमत में गिरावट क्यों आई?

डी-मर्जर की घोषणा के तुरंत बाद टाटा मोटर्स के शेयर की कीमत में लगभग 40% की गिरावट एक “गणितीय समायोजन” था, न कि वास्तविक नुकसान। पहले कंपनी का पूरा मूल्य एक ही शेयर में था। विभाजन के बाद, वाणिज्यिक वाहन सेगमेंट का मूल्य TMLCV में स्थानांतरित हो गया, जिससे यात्री वाहन सेगमेंट (TMPVL) के शेयर का मूल्य कम दिखाई दिया। असल में, कुल मूल्य दो अलग-अलग शेयरों में बंट गया है।

हमें उम्मीद है कि यह विस्तृत जानकारी आपको टाटा मोटर्स डी-मर्जर और TMLCV शेयर लिस्टिंग के बारे में एक स्पष्ट समझ प्रदान करेगी। निवेश संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले हमेशा अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।

Gaurav Srivastava

My name is Gaurav Srivastava, and I work as a content writer with a deep passion for writing. With over 4 years of blogging experience, I enjoy sharing knowledge that inspires others and helps them grow as successful bloggers. Through Bahraich News, my aim is to provide valuable information, motivate aspiring writers, and guide readers toward building a bright future in blogging.

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